Posts Tagged ‘प्यार’
8
May
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: arms, attraction, आग, इश्क़, उम्मीद, कशिश, ख़ाब, ख़ाहिश, जादू, तमन्ना, प्यार, बदन, बाँहें, मरमरीं, मोहब्बत, शोला, body, desire, dream, fire, hope, love, magic, silken, spell, wish. 24 Comments
जो इश्क़ की आग भड़क उठी है
जैसे मैं शोलों में जल रहा हूँ
तेरे बदन की कशिश का है जादू
देखकर तुझ को मचल रहा हूँ
मुझे है ख़ाहिशो-तमन्ना1 तेरी
मैं उम्मीद को मसल रहा हूँ
एक यह ख़ाब मैं देखता हूँ कि
तेरी मरमरीं बाँहों में पिघल रहा हूँ
शब्दार्थ:
1. ख़ाहिशो-तमन्ना: इच्छा और चाह
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००४
Continue reading »
23
Apr
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: आँखें, इल्तिफ़ात, इश्क़, उजली, गोया, घर, चाँद, जलन, तख़लीक़, दग़ा, दर्द, दाँव-पेंच, निगाह, नज़र, पुरानी, प्यार, बरसात, बरात, बात, बादल, मंज़र, मतलबी, मात, मुलाक़ात, मोहब्बत, रात, रोशन, लम्हा, शब, शुरुआत, सितारे, हसीन, हुस्न, ज़ात, beauty, begining, cheat, clouds, defeat, envy, eyes, forgotten, friendship, home, lighten, like that, love, meeting, merry, moment, moon, nazar, night, originate, pain, scene, sight, stars, talk. 9 Comments
जो गुज़र गयी सो गुज़र गयी पुरानी बात थी
उन आँखों में छिपी एक उजली रात थी
जब देखा था मंज़रे-हसीन-हुस्न1 मैंने
उस लम्हा चाँद था और सितारों की बरात थी
साहिब हमें दाँव-पेंच नहीं आते इश्क़ में
और वह प्यार की पहली दूसरी हर मात थी
वह शब2 नहीं भूले जब घर आये थे तुम
उफ़! वह निगाह की निगाहों से [...]
Continue reading »
22
Apr
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: आसाँ, इश्क़, कल, ग़ुरूर, दिल, दूरी, प्यार, बात, मुश्किल, मोहब्बत, distance, hard, heart, love, proud, talk, tomorrow, tough. 13 Comments
नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही
मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही
नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझे
मैंने दिल लगाया है’ तुम से ही
आज न पिघला तो कल पिघलेगा
यह बात हम सुनेंगे’ तुम से ही
आज दूरियाँ हैं तेरे-मेरे बीच
ज़रूर कल मिलेंगे’ तुम से ही
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००४
Continue reading »
15
Apr
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: आँखें, इश्क़, ख़ुदा, ख़ुशबू, जनम, तन्हाई, दर्द, दूरी, धागे, प्यार, फूल, याद, यार, रफ़्ता, लम्हे, सजदा, सन्नाटा, साँस, फ़ासला, eyes, fragrance, god, love, pain. 7 Comments
आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है
दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है
दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका
दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है
आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है…
तुम याद आ रहे हो और तन्हाई के सन्नाटे हैं
किन-किन दर्दों के [...]
Continue reading »
7
Apr
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: abuse, अदा, अय्यारी, अलविदा, एहसास, कहानी, ख़ुदा, ग़ालियाँ, ग़ैर, तअल्लुक, तयशुदा, ताल्लुक, धोख़ा, प्यार, मतलब, मस्जिद, मैकदा, शख़्स, सदा, हुस्न, ज़माना, फ़िदा, bar, beauty, call, certainty, cheat, cleverness, devoted, enemy, feeling, god, good bye, human, love, masjid, relation, story, style, touch, world. 5 Comments
हर वो शख़्स जिसको मैंने अपना ख़ुदा कहा
बादे-मतलब उस ने मुझ से अलविदा कहा
जिसे मैं मानता हूँ धोख़ा-ओ-अय्यारी यारों
ज़माने ने उस को हुस्न की इक अदा कहा
वह प्यार जिस को एहसास कहते थे सभी
उसने आज उसको बदन की इक सदा कहा
मैं था उसके पीछे ज़माने की ग़ालियाँ खाकर
उस ने मुझे किसी ग़ैर हुस्न पर फ़िदा [...]
Continue reading »
कहते रहें Comments