Posts Tagged ‘तन्हाई’

आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है

आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है
दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है
दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका
दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है
आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है…
तुम याद आ रहे हो और तन्हाई के सन्नाटे हैं
किन-किन दर्दों के [...]

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सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ

सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2
कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें
न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना
मेरी मंज़िल तो बन गयीं अब ये राहें
है जो दर्द सो अब तन्हाई से है मुझे
असरकार हों, कुछ काम आयें दुआएँ3
न दोस्त न नासेह4 न चारागर5 न वाइज़6
कोई भी नहीं लेता अपने सर ये बलाएँ
जो जाते हैं अपना दामन [...]

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रातभर चाँद देखा किये

रातभर चाँद देखा किये
माज़ी में उड़ रहीं थीं
तेरी यादें समेटा किये
रातभर चाँद देखा किये
कभी हाथ से ढका चाँद को
कभी बादलों से उठाया भी
गदेली पर रखकर उसे
कभी होंटों तक लाया भी
रातभर चाँद देखा किये
माज़ी में उड़ रहीं थीं
तेरी यादें समेटा किये…
सितारे टूटते बुझते रहे
उनसे तुम्हें माँगते रहे
ख़ाली था ख़ामोश था लम्हा
हम तेरा नाम लिखते रहे
रातभर चाँद [...]

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मैं हूँ हस्ति-ए-नाचीज़

मैं हूँ हस्ति-ए-नाचीज़’ मुझसे किसी को चाह नहीं
मैं हूँ शिगाफ़े-शीशा’ मुझसे किसी को राह नहीं
मैं आया हूँ जाने किसलिए इस हसीन दुनिया में
किसी की आँखों में मेरे लिए प्यार की निगाह नहीं
मैं हूँ अपने दर्दो-आहो-फ़ुगाँ की आप सदा
शायद इस गुमनाम रात की कोई सुबह नहीं
कोई क्या जाने तन्हाई के साग़र’ हमसे पूछो
कि अब मेरे इस [...]

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तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं

तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं
यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं
वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें
मैं आज तक भूला नहीं हूँ
वह पहली झलक’ वह पहली हँसी
मैं आज तक भूला नहीं हूँ
दूर होकर भी हम-दोनों साथ हैं
यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं
तुम जो आती थी’ तुम जो जाती थी
जैसे उड़ते [...]

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