Posts Tagged ‘चेहरा’
4
May
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: अंधेरा, अजनबी, असर, आस, आह, इल्ज़ाम, उम्मीद, उफ़क़, ख़बर, ख़ुशी, गली, गुल, गुलशन, गुलाबी, घर, चेहरा, डगर, तन्हा, दरवाज़ा, दिल, दुआ, दुनिया, नज़र, पयाम, प्यास, बला, बारिश, मंदिर, मंज़र, मखमली, मस्जिद, मुद्दत, रहम, रोशनी, रोज़, शब, शाम, शायद, शुआ, शफ़क़, सदा, सहर, सोहबत, ज़मीन, ज़िन्दगी, फ़ज़िर, blame, call, dark, day, door, effect, evening, evil, face, friendship, garden, happiness, heart, home, hope, kind, land, life, light, masjid, message, morning, news, night, path, pink, prayer, rain, rays, scene, sight, silken, sky, strange, street, temple, thirst, time, woe, world. 13 Comments
वह जब भी इस गली इस डगर आये
मेरी ज़िन्दगी की सहर1 बनकर आये
शबो-रोज़2 जलता हूँ मैं इन अंधेरों में
वह मेरे लिए कुछ रोशनी लेकर आये
आया था पिछली बार अजनबी बनकर
अब कि बार वह मेरा बनकर आये
हूँ बहुत दिनों से शाम की तरह तन्हा
कोई मंज़र-ए-सोहबत3 नज़र आये
दरवाज़े पे खड़ा हूँ इक यही आस लिये
वह मेरी बे-सदा4 [...]
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30
Apr
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: अश्क, आँखें, इश्क़, ख़ाब, ख़ुदा, खुश्क, ग़म, चेहरा, टुकड़े, दरया, दहलीज़, दुनिया, भँवर, मानिन्द, मामला, मुआफ़, मुश्क, रश्क़, रोज़, ज़ाहिर, clear, daily, dream, dry, envy, eyes, forgive, god, like that, love, piece, pond, river, sadness, smell, tears, threshold, whirl, world. 11 Comments
वह मुझको मुआफ़1 रखे दुनिया के मामलों से
मैं अब कभी किसी और से इश्क़ न करूँगा
दिल मेरा चाहे हो जाये टूटकर टुकड़े-टुकड़े
इस ग़म में आँखों को तर ऐ अश्क! न करूँगा
जो देखा है उस का चेहरा मैंने दो ही रोज़
इस बात का अपने ख़ुदा से रश्क2 न करूँगा
मेरे दिल में है तेरे ख़ाबों का इक [...]
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23
Mar
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: ज़िन्दगी, ख़ुशी, उम्मीद, love, reminisce, याद, चेहरा, नाम, मोहब्बत, शाम, नज़र, hope, तस्व्वुर, life, morning, trust, night, world, ज़ुल्फ़, evening, end, fire, ज़ीस्त, गली, street, free, शब, thought, happiness, हश्र, hair, name, face, nazar, कूचा, फ़ज़िर, शोला, bad, revenge, इंतकाम, तमाम, बदनाम, तजुर्बा, रोज़गार, बेदाम, experience. 7 Comments
तेरे चेहरे पर ज़ुल्फ़ उड़ी तो शाम हुई
मेरी ख़ुशियों का मुझसे इंतकाम हुई
फ़ज़िरो-शाम1 तेरी उम्मीद’ तेरा तस्व्वुर2
तेरी यादों में यह शब3 भी तमाम हुई
मेरी मोहब्बत का यही होना था हश्र4
हर गली हर कूचा5 बहुत बदनाम हुई
भड़कने दो तुम तजुर्बों के शोले को
ज़ीस्त6 रोज़गार7 से यूँ ही बेदाम8 हुई
वो तेरा ज़ीस्त से लाग क्या हुआ ‘नज़र’
इक [...]
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11
Feb
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: इश्क़, उलझन, ग़लत, चेहरा, डर, नज़र, प्यार, मोहब्बत, सबात, सुकून, सूरत, हसीन, ज़माना, beautiful, comfort, complication, face, fear, love, mug, sight, world, wrong. 9 Comments
मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत, ग़लत नहीं है
तुमको चाहा है मैंने अगर इसमें कुछ ग़लत नहीं है
दिखा दो तुम कोई अपना-सा इस ज़माने में मुझको
मैं अगर फिर चाह लूँ उसको इसमें कुछ ग़लत नहीं है
आँखों को मेरी सुकून आया है तेरी हसीन सूरत देखकर
किसी चेहरे से सुकूनो-सबात पाना कुछ ग़लत नहीं है
मैं ने [...]
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9
Nov
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: ज़िन्दगी, इश्क़, love, light, eyes, moment, मौसम, प्यार, चेहरा, चन्द्रमा, रोशनी, मोहब्बत, दुनिया, साँस, तन्हा, पल, ज़मीं, जानिब, दुआ, आँखें, alone, life, आसमाँ, season, तड़प, moon, sky, world, ग़म, breath, prayer, discomfort, ऊदी, wet, call, old, face, सदी, damped, land, पुराना, misery, असरकार, effective, बिगैर, without, hundred years, by side, mug. 9 Comments
मैं बहुत तन्हा रहा, बिगैर तेरे ज़िन्दगी
साँसों में हर ग़म पिरोया, बिगैर तेरे ज़िन्दगी
सब कुछ खोया कुछ न पाया इस दुनिया में
पल-पल मैं तड़पा, बिगैर तेरे ज़िन्दगी
आसमाँ ओढ़े बैठी रही तेरे लिए इक सदी
न रोशनी न चन्द्रमा, बिगैर तेरे ज़िन्दगी
बहती रही तेरे ही जानिब, ज़मीं इश्क़ में
न’असरकार रही दुआ, बिगैर तेरे ज़िन्दगी
हम खिंचे चले जाते [...]
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