हर वो शख़्स जिसको मैंने अपना ख़ुदा कहा
बादे-मतलब उस ने मुझ से अलविदा कहा
जिसे मैं मानता हूँ धोख़ा-ओ-अय्यारी यारों
ज़माने ने उस को हुस्न की इक अदा कहा
वह प्यार जिस को एहसास कहते थे सभी
उसने आज उसको बदन की इक सदा कहा
मैं था उसके पीछे ज़माने की ग़ालियाँ खाकर
उस ने मुझे किसी ग़ैर हुस्न पर फ़िदा [...]
Archive for April 7th, 2009
7 Apr
हर वो शख़्स जिसको मैंने अपना ख़ुदा कहा
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: abuse, अदा, अय्यारी, अलविदा, एहसास, कहानी, ख़ुदा, ग़ालियाँ, ग़ैर, तअल्लुक, तयशुदा, ताल्लुक, धोख़ा, प्यार, मतलब, मस्जिद, मैकदा, शख़्स, सदा, हुस्न, ज़माना, फ़िदा, bar, beauty, call, certainty, cheat, cleverness, devoted, enemy, feeling, god, good bye, human, love, masjid, relation, story, style, touch, world. 5 Comments




















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