वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है
जाने सही करता है या ग़लत करता है
वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं
दिल फिर भी उसकी हसरत करता है
उसने दिल तोड़ दिया है मेरा मगर
दिल है कि उसको मग़्फ़रत* करता है
वह चाहता है न देखूँ उसकी जानिब मैं
दिल बार-बार वही ज़ुर्रत करता है
शब्दार्थ: मग्फ़िरत या मग़्फ़रत: मोक्ष, यहाँ हर [...]
Archive for February 19th, 2009
19 Feb




















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