कुछ तो था कुछ तो है
तेरे-मेरे बीच सजनी
वरना तुम यहाँ न आती
वरना यादें तेरी न होती
यूँ बरस गुज़रते हैं
तेरे लिए तड़पते हैं
तन्हा-तन्हा रात-दिन
तेरे लिए तुम बिन
कुछ तो था कुछ तो है
तेरे-मेरे बीच सजनी…
तुमको पाना है मुझे
मुझको अपनाना है तुझे
ग़म ख़ुशी बन जायेगा
दोनों को क़रीब लायेगा
वरना तुम यहाँ न आती
वरना यादें तेरी न होती…
ख़ाब सच हो [...]
Archive for December 9th, 2008
9 Dec




















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