Archive for December 5th, 2008

दिल है गुमसुम, प्यार में तेरे

दिल है गुमसुम, प्यार में तेरे, साथी मेरे’
(तुम कहाँ हो)
तुम थे’ तुम हो’ जान मेरी, मेरी ज़िन्दगी’
(तुम कहाँ हो)
हुए तुम मुझ से जुदा, रहने लगा ख़ुद से ख़फ़ा
जहाँ भी है’ वापस लौट आ’ मैं हूँ तुझसे बावफ़ा
रूठे हुए दिन’ उदास रातें, अब मनती नहीं
(तुम कहाँ हो)
तेरी यादों की फाँस है, ज़ख़्मी हर एक साँस है
सूखी-सूखी [...]

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