29
Oct
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: इश्क़, गहरा, तड़प, तूफ़ाँ, तक़दीर, दिन, दिल, नसीब, नाज़िल, पल, प्यार, बद्-रंग, बाक़ी, बेइख़्तियारियाँ, मोहब्बत, रंग, रात, रोज़, शब, शम्अ, शाम, शिद्दत, सिवाय, हासिल, हुस्न, क़सम, क़हर, ज़ख़्म, ज़िन्दगी, फ़ुर्क़त, beauty, colour, dark, day, destiny, devotion, discomfort, dull, evening, except, get, heart, life, lightening, love, moment, night, remain, scar, separation, storm, uneasiness. 12 Comments
पल भर को सही मेरे ज़ख़्मों को बुझाने के लिए आ
आ तू कभी मुझको मोहब्बत सिखाने के लिए आ
पहले प्यार का रंग दिल पे बहुत गहरा चढ़ा है
तू कभी इस रंग में अपना रंग मिलाने के लिए आ
मेरी तरह तेरे दिल में भी होंगी कुछ बेइख़्तियारियाँ
इस इश्क़ के तूफ़ाँ में तू मुझको डुबाने के लिए [...]
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