Archive for September 30th, 2008

मुझ को आज भी तुम्हारा इन्तज़ार है

मुझ को आज भी तुम्हारा इन्तज़ार है
वही तड़प है, दिल उतना ही बेक़रार है
तेरी हँसी और हया के लिए मेरी आँखों में
जानम आज तलक उतना ही प्यार है
वही तड़प है, दिल उतना ही बेक़रार है
तुमसे मिलके पतझड़ में बहार खिल जाती है
तुम बाँहों में हो तो मुझे क़रार है
मुझ को आज भी तुम्हारा इन्तज़ार है
नज़रों [...]

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