4
Sep
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: address, अक्सर, आँखें, आवारा, इश्क़, काजल, काला, ख़ुशबू, चाह, दरवाज़ा, दस्तक, दिल, दीवार, नाचीज़, निगाह, पता, पनाह, पोशाक, प्यार, बादल, मातम, माज़ी, मोहब्बत, रूब-रू, वजह, शायद, हसरत, क़रीब, ज़हन, ज़िन्दगी, black, cloth, clouds, desire, door, eyes, face to face, fragrance, grief, heart, knock, life, love, mind, near, nothing, past, perhaps, reason, shelter, sight, usually, wall, wish. 10 Comments
मैंने अक्सर खोया है उसे
जो मेरे दिल के क़रीब आ जाता है
जब किसी की चाह में भटकता हूँ
यह दिल बहुत समझाता है
शायद इसी एक वजह से
किसी की हसरत से जी डरता है
बेपनाह प्यार करता है जिससे
तिल-तिलकर उसके लिए मरता है
कई बार मातम में ख़ुद को
सफ़ेद पोशाक पहने हुए देखा है मैंने
इसीलिए इक दीवार उठा [...]
Continue reading »
कहते रहें Comments