21
Jun
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: ख़ाब, धूप, ज़हन, तख़लीक़, mind, रात, राख, dream, राह, ख़्याल, ख़ूबसूरत, destiny, soul, अजनबी, path, लब, stranger, night, टुकड़े, beautiful, lips, ग़म, दिन, day, लफ़्ज़, sunlight, sorrow, luck, सहर, रूह, गली, street, creation, thought, तक़दीर, dawn, piece, बेरब्त, words, crack, red, ash, सुर्ख़, उफ़क़, चादर, अंगारे, शग़ाफ़, sheet, ember, spread. 6 Comments
मेरी रूह को तख़लीक़ करके
किस राह में खो गये हो तुम
लफ़्ज़ मेरे अजनबी लगते हैं
जाने किसके हो गये हो तुम
दिन की धूप की पीली चादर
जला करती है सारा-सारा दिन
रात की राख अंगारों के साथ
सुलगा करती है तुम्हारे बिन
उलझे-उलझे ख़्याल आते हैं
उलझे हुए ख़्वाब में डूबा हूँ
ग़म पी रहा है घूट-घूट मुझे
जीते-जी इस क़दर टूटा [...]
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