सुनो! एक शिकायत है तुमसे
तुम क्यों आती नहीं ख़ाबों में
ख़ुशबू छूता हूँ जब साँसों में
दिखती हो तुम बंद आँखों में
सुनो! एक शिकायत है तुमसे
तुम क्यों आती नहीं ख़ाबों में
यह दुनिया जन्नत हो जाये
जो मिला करो तुम ख़ाबों में
मखमली लब जब हिलते हैं
खिलता है बसंत शाख़ों में
सुनो! एक शिकायत है तुमसे
तुम क्यों आती नहीं ख़ाबों में
तेरे [...]
Archive for June 12th, 2008
12 Jun




















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