Archive for May, 2008

मुझसे कोई प्यार कर ले

मुझसे कोई प्यार कर ले
दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले
मुझसे कोई प्यार कर ले…
तन्हाइयों का दर्द छुपा रखा है
इसे कोई कभी दो आँखों से चुरा ले
मुझसे कोई प्यार कर ले…
यह हसीं जज़्बात टिके हुए हैं लबों पे
इन्हें कोई अपने लबों से चख ले
दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले
मुझसे कोई प्यार कर ले…
दु:ख यह [...]

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मैं सबसे बुरा था

मैं सबसे बुरा था
सबसे बुरा हूँ
सबसे बुरा ही रहूँगा
मैं जी रहा था
जी रहा हूँ
ऐसे ही जीता रहूँगा
उसने मुझको सदा ख़ुशबू के
इक बादल के पार देखा
और मैं चाह कर भी कभी
उसको इस तरह न देखूँगा
मैं सबसे बुरा था
सबसे बुरा हूँ
सबसे बुरा ही रहूँगा
आईने उसकी आँखों के
मुझको ढूँढ़ते रहे, जाने क्यों?
और मैं अक्स उन आईनों का
कभी भी [...]

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इश्क़ सुना है हमने बहुत

इश्क़ सुना है हमने बहुत
ज़रा करके तो देखें
मिल जाये कोई कमसिन हसीना
उसपे मरके तो देखें
हाए रे हाए, हाए रे हाए
इश्क़ करके तो देखें
सुना है हसीं होता है इश्क़
इश्क़ में सभी मौसम हसीं हो जाते हैं
ख़ुश्बू है कोई, हाथों से छुई
मुरझाये गुल, ताज़ा-तरीं हो जाते हैं
मिल जाये कोई कमसिन हसीना
उसपे मरके तो देखें
हाए रे हाए, हाए [...]

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खिली-खिली महकी बहारें हैं

खिली-खिली महकी बहारें हैं
झीलों पर बहते शिकारें हैं
ठण्डी-ठण्डी सौंधी हवाएँ हैं
गीले पत्तों को खनकाएँ हैं
जाने कैसी तलब जागी है
जाने किसका इन्तिज़ार है
बेज़ार-सा यह दिल मेरा
किसके लिए गुलज़ार है
आज ऐसा क्यों लग रहा है
नये-नये सब नज़ारें हैं
खिली-खिली महकी बहारें हैं
झीलों पर बहते शिकारें हैं
शबनमी रातों का यह चाँद
और उजली-उजली चाँदनी
आइनाए-दिल में कौन यार है
इश्क़ जिससे वजहसार [...]

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