धुँधलियाँ

धुँधलियाँ-धुँधलियाँ
तेरी यादों की धुँधलियाँ
छायी हैं ज़हन पर
तेरी बातों की बदलियाँ

नज़दीकियाँ नज़दीकियाँ
तेरी मुझसे नज़दीकियाँ

अहसास हो क़रीबी का
मिज़ाज हो ख़ुशनसीबी का
बदले हैं रंग फ़िज़ाओं ने
नूर हो माह रकाबी का

धुँधलियाँ धुँधलियाँ
तेरी यादों की धुँधलियाँ
छायी हैं ज़हन पर
तेरी बातों की बदलियाँ

बिजलियाँ बिजलियाँ
तेरे रूप की बिजलियाँ

जिस्म रेशमी आग का
चिकने मखमली आफ़ताब का
ख़ुशरू पे बैठी हैं मुस्कियाँ
उतरा है रंग हिजाब का

धुँधलियाँ धुँधलियाँ
तेरी यादों की धुँधलियाँ
छायी हैं ज़हन पर
तेरी बातों की बदलियाँ

तब्दीलियाँ तब्दीलियाँ
मुझमें इतनी तब्दीलियाँ

भूल गया सारी मजबूरियाँ
दूर हो गयीं सब दूरियाँ

तब्दीलियाँ तब्दीलियाँ
मुझमें इतनी तब्दीलियाँ
छायी हैं ज़हन पर
तेरी बातों की बदलियाँ

नज़दीकियाँ नज़दीकियाँ
तेरी मुझसे नज़दीकियाँ


शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००४

2 Responses to this post.

  1. bahut khoob seema jii, wah! lajawaab kar diya!

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  2. ” tanhayeeyan, tanhayeeyan,
    taire mairee ye tanhayeeyan,
    maire dil ko yun tadpayen hai,
    ek ek pal ke tujse dureyaan…..”

    “hi, very soft kind of song, good one”

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