ज़ियाँ दिल का किया
ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया
तो पल-पल सीने में धड़कता क्या है?
तेरी आरज़ू मुझे कहाँ बहा ले जा रही है?
ज़ियाँ = loss
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००४
April 13, 2008 at 11:53 pm (मेरी त्रिवेणी) (आरज़ू, इश्क़, दिल, पल, प्यार, मोहब्बत, ज़ियाँ, desire, heart, loss, love, moment, search)
ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया
तो पल-पल सीने में धड़कता क्या है?
तेरी आरज़ू मुझे कहाँ बहा ले जा रही है?
ज़ियाँ = loss
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