कैसी फ़रियाद, कैसा नाला
हम क़ैसो-फ़रहाद नहीं
हम हैं ख़ुदा से, ख़ुदा हमसे
सिवाय इसके कुछ याद नहीं
शायिर: विनय प्रजापति ‘वफ़ा’
लेखन वर्ष: २००३
18 Mar
Posted by विनय in रुबाइयाँ. Tagged: इश्क़, ख़ुदा, नाला, प्यार, मोहब्बत, याद, क़ैस, फ़रहाद, फ़रियाद, farhaad, god, love, majnoon, memory, plea, qais, remember, woe. Leave a Comment
कैसी फ़रियाद, कैसा नाला
हम क़ैसो-फ़रहाद नहीं
हम हैं ख़ुदा से, ख़ुदा हमसे
सिवाय इसके कुछ याद नहीं
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