शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
चाँद तन्हा मैं तन्हा और ख़्याल तेरा
सबसे छुपाया पर छुपा न राज़े-मोहब्बत
छेड़छाड़ दोस्तों की और ख़्याल तेरा
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००३
March 15, 2008 at 10:41 am (फुटकर कलाम) (alone, इश्क़, ख़्याल, चाँद, छुपा, छेड़छाड़, तन्हा, दोस्त, प्यार, मोहब्बत, रात, राज़, शबनमी, सर्द, care, cold, dew, friend, fun, hidden, love, moon, night, secret, thought)
शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
चाँद तन्हा मैं तन्हा और ख़्याल तेरा
सबसे छुपाया पर छुपा न राज़े-मोहब्बत
छेड़छाड़ दोस्तों की और ख़्याल तेरा
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