शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
चाँद तन्हा मैं तन्हा और ख़्याल तेरा
सबसे छुपाया पर छुपा न राज़े-मोहब्बत
छेड़छाड़ दोस्तों की और ख़्याल तेरा
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००३
15 Mar
Posted by विनय in रुबाइयाँ. Tagged: alone, इश्क़, ख़्याल, चाँद, छुपा, छेड़छाड़, तन्हा, दोस्त, प्यार, मोहब्बत, रात, राज़, शबनमी, सर्द, care, cold, dew, friend, fun, hidden, love, moon, night, secret, thought. Leave a Comment
शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
चाँद तन्हा मैं तन्हा और ख़्याल तेरा
सबसे छुपाया पर छुपा न राज़े-मोहब्बत
छेड़छाड़ दोस्तों की और ख़्याल तेरा
Blog at WordPress.com. Theme: SpringLoaded by the449.