Archive for March 14th, 2008
14
Mar
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: ज़िन्दगी, इश्क़, दर्द, love, प्यार, मोहब्बत, रात, चाँदनी, pain, दुनिया, इक़रार, जवाँ, राह, propose, बात, मुलाक़ात, beauty, life, night, moonlit, way, world, ग़म, home, end, sorrow, talk, young, meeting, शब, वस्ल, ख़त्म, road, सर्द, cold, हल्की बरसात, drizzling, नयी, शुरुआत, new, begining, पहलू, arms, पहली, first, सिंगार. 2 Comments
किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी
फिर हल्की-हल्की बरसात होगी
तुम मुझसे इक़रारे-प्यार करना
ज़िन्दगी की नयी शुरुआत होगी
तेरे पहलू में बैठेंगे दो बातें होंगी
फिर ख़त्म दर्द की रातें होंगी
ग़म भूल जायेंगे प्यार जवाँ होगा
वस्ल की हर शब पहली रात होगी
किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी
फिर हल्की-हल्की बरसात होगी
प्यार की दुनिया सजायेंगे प्यार से
निखर जायेगा घर तेरे सिंगार से
चाँदनी ओढ़ [...]
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14
Mar
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: ख़ाब, रंग, धूप, इश्क़, love, flower, crowd, mind, प्यार, ख़ुशबू, फ़िज़ा, मोहब्बत, धड़कन, सपना, बहार, अरमान, सदा, ख़ुदा, दुआ, फूल, dream, नज़्म, असर, घर, रहमत, एहसास, पलक, wish, fragrance, feeling, तस्व्वुर, soul, life, आसमाँ, thoughts, spring, colour, मन, sky, cloud, home, भीड़, नग़मा, sunlight, god, ज़ीस्त, kindness, फ़ुग़ाँ, बंजर, prayer, ghazal, मद्धम, call, mountain, eyebrow, black, सब्ज़, green, effect, मुसलसल, nazm, woe, मैदान, field, barren, ग़ज़ल, urdu poem, साँवली, naghama, heart beats, continuous, सतरंगी, seven colour, धनुष, rainbow, पर्वत, घटा, surroundings, dim. Leave a Comment
नग़मे खिलने लगे हैं नज़्म महकने लगी है
तेरे एहसास पे धड़कन ग़ज़ल कहने लगी है
साँवली आँखों में सपनों की ख़ुशबू घुलने लगी है
मुसलसल ख़ाबों की भीड़ पलकों में लगने लगी है
बंजर सूखे मैदान सारे सब्ज़ होने लग गये
फूल अरमानों के मेरे मन में खिलने लग गये
सौंधे आसमाँ पर सतरंगी धनुष खिल गया है
पर्वतों पे घटा [...]
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14
Mar
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: anger, arrow, attractive, आँचल, आशिक़, इश्क़, कँवल, ख़ुशबू, ग़ज़ल, गुलाबी, चाहत, चेहरा, झील, तिश्ना लब, तीर, दर्द, नख़्वत, नशीला, प्यार, प्यास, बर्क़, बादल, बेअसर, बेकल, मीठा, मुस्कुराना, मुहब्बत, मोहब्बत, रोबीला, लट, लब, क़तरा, ज़हरीला, carefree, cloud, desire, dido, distrub, effectless, face, fragrance, ghazal, hair, lightening, lips, lotus, love, lover, mere, pain, piece, pink, poison, smile, sweet, thirst, tranquility, urdu poem, veil. Leave a Comment
मेरी आँखों पर जो था तेरी ख़ुशबू का आँचल था
वह तेरी लटों का लहराना चाँद पे उड़ता बादल था
मुहब्बत के ज़हरीले तीर जो तुमने चलाये
तिश्ना लबों पर प्यास का क़तरा कितना बेकल था
वह गीले गुलाबी लब तेरे कितने नशीले थे
तेरी नख़्वत से हाए! हुए कितने रोबीले थे
देखा तो देखता ही रह गया तेरे यह आशिक़
तेरा [...]
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14
Mar
Posted by विनय in मेरा गीत. Tagged: ख़ाब, ख़ुशी, इश्क़, दर्द, heart, love, time, दिल, प्यार, क़िस्मत, याद, मोहब्बत, रात, pain, dream, distance, आग, एहसास, दरिया, वीराना, fate, separation, फ़ासला, feeling, memory, night, world, river, दूरी, apart, fire, luck, लहू, blood, water, पहाड़, mountain, ज़माना, पानी, बिछड़ना, barren, आबाद, populated, happines. 2 Comments
यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई
यह फ़ासले मीलों-से कैसे तय करे कोई
दो पल में बिछड़ जाना ख़ाब जैसा है
इश्क़ आग का दरया है कैसे बुझाये कोई
इस टूटे हुए दिल में वही दर्द पुराने हैं
आँखों में सिमटे हुए गुज़रे ज़माने हैं
तेरी यादों को सीने से लगाके अपना बनाके
यह दूरी दिल से दिल की कैसे [...]
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14
Mar
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: इश्क़, डर, दवा, दिल, प्यार, मुख़्तसर, मोहब्बत, लम्हा, लहर, समन्दर, क़फ़न, ज़हर, फ़िराक़, coffin, fear, heart, love, medicine, moment, poison, sea, separation, short, small, wave. 1 Comment
जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला
वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला
दो उंगलियों में मुझे यूँ मसला उसने
मेरे दिल से फ़िराक़ का डर निकला
जिस दिल को मैंने समन्दर जाना
वह तो एक टूटी हुई लहर निकला
तुम्हारे प्यार में जो मैंने गुज़ारा
वह लम्हा कितना मुख़्तसर निकला
फ़िराक़= बिछोह, separation
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००३
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