Archive for March 12th, 2008

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है
तो कहता है बस इतने ही!
ख़िज़ाँ आयी बहार लौट गयी
निशान रह गये इतने ही
उसने नज़र जो उठायी है
मिट गये दीवाने कितने ही
हमने ज़ख़्म जितने बुझाये हैं
सुलगाये हर साँस हैं उतने ही
अनाड़ी निकले सबके सब
तजुर्बेकार थे जितने ही
वक़्त ने बादशाह किया था
मिटा दिया उसे वक़्त ने ही
याद तुम आते रहना सदा
पास [...]

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दिले-सहरा में यह कैसा सराब है

दिले-सहरा में यह कैसा सराब है
ज़ख़्म मवाद है आँख मेरी बेआब है
क्यूँ इश्क़ ख़ौफ़ खा रहा है हिज्र से
नस-नस में मेरी कोई ज़हराब है
सुलगते हैं तेरे ख़्याल शबो-रोज़
गलता हुआ तेज़ाब में हर ख़ाब है
जुज़ बद्र कौन मेरा रक़ीब जहाँ में
मेरी ख़ाहिश को लाज़िम कैसा नक़ाब है
भटकती है नज़र किसकी राह में
उल्फ़त को मेरी क्या-क्या हिसाब [...]

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जब आसमाँ पे यह हिलाल आया

जब आसमाँ पे यह हिलाल आया
मुझे याद तुमसे विसाल आया
जिस शब तारों की बारात आयी
मुझे तुम्हारा ही ख़्याल आया
हमने कितने सवाब हैं कमाये
जो मेरे हिस्से यह जमाल आया
नाज़ करना ख़ुद पे फ़ितरत है
उम्र पे यह कैसा साल आया
है तेरे इश्क़ को रस्मो-राह
उफ़! निगाह में कैसा गुलाल आया
तुझे देखने के बाद ‘नज़र’ का
शुरुआती दौरे-वबाल आया
हिलाल= दूज [...]

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एक तसल्ली

एक तसल्ली मेरे पाँव के नीचे से गुज़रती है
कितनी पी है तूने जो मेरी आवाज़ लरज़ती है
यह भी कोई ग़म है कि तेरा कोई यार नहीं
मेरा तो उसके अफ़साने में कोई किरदार नहीं
तू आज भी परछाइयाँ चुनता है दीवारो-दर
आज भी नब्ज़ की चुभन मुझको अखरती है
एक तसल्ली मेरे पाँव के नीचे से गुज़रती है…
तेरी बाँहों [...]

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दिल तोड़ना at first sight

दिल तोड़ना at first sight
झूठा गुस्सा उस पर झूठी fight
लड़की है दीवानी लड़का दीवाना
अपनी दोनों की जमेगी, right!
तुमको रोज़-रोज़ करता हूँ miss
please करने दो न एक kiss
तुमको बनाऊँगा अपनी जान
चाहोगी लाऊँगा तुम्हारे लिए चाँद
ऐसी अदा ऐसा नशा जो देखा
तुझे देखते ही प्यार हो गया
आँखें बंद करके लेट भी गया
पर नींद न आयी सारी-सारी night
लड़की है [...]

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