तुमसे कुछ कहना है
सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है
तुम्हारे जैसी लड़की से प्यार करना है
हाँ कर दो, तुम मुझसे प्यार कर लो
मेरा तो सिर्फ़ तुमसे जीना और मरना है
तुम्हारी क़ातिल अदा पर दिल आ गया
तुमसे पहली मुलाक़ात का नशा छा गया
मुझे तुम्हारी नशेमन आँखों में बसना है
तुमसे सनम अब और दूर नहीं रहना है
सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है
तुम्हारे जैसी लड़की से प्यार करना है
तुम्हारे होंठों की मै का हर क़तरा चाहिए
तुम्हारे जिस्म का जलता शरारा चाहिए
ऐ हसीना तुमको अपनी बाँहों में भरना है
मुझे ज़माने से अब और नहीं डरना है
हाँ कर दो, तुम मुझसे प्यार कर लो
मेरा तो सिर्फ़ तुमसे जीना और मरना है
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: ०५ जून २००३
