Archive for February 28th, 2008

मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया

मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया
उफ़! यह दिल सौदाई हो गया
मुझको कुछ पता ही न चला
इक दम में यह सब हो गया
रोज़ तेरे ख़्यालों में डूबा रहा
शब तेरे ख़ाब में मैं खो गया
जिस शै पर मैंने निगाह की
वह हर शै तेरा चेहरा हो गया
दर्द की तस्कीं थोड़ी अजीब है
तू मुदाम मेरे दिल के क़रीब है
उसपे [...]

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क्यों हो गया न प्यार…!

यह प्यार चीज़ क्या है?
दीवानों का है काम
बेकार ही पीछे दौड़ते हैं
बिन सोचे अन्जाम
कहते थे कि प्यार हमको होगा नहीं
क्यों हो गया न प्यार…!
बहुत तन के चलते थे
जब घर से निकलते थे
प्यार में क्या रखा है
बस एक ही बात रटते थे
आज मुँह पर उल्टी आ पड़ी हर बात
क्यों हो गया न प्यार…!
आज क्या हुआ
वह नाक [...]

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तेरी जो ख़ाहिश करता हूँ

तेरी जो ख़ाहिश करता हूँ
क्या कोई गुनाह करता हूँ
चाहे जो भी समझ ले तू
मैं तुझसे प्यार करता हूँ
यह उम्र ही ऐसी होती है
लोग कुछ बहक जाते हैं
मिलते हैं जब दो दिल
तन्हा जिस्म महक जाते हैं
महके-महके-से जिस्म में
मैं आधा-आधा रहता हूँ
चाहे जो भी समझ ले तू
मैं तुझसे प्यार करता हूँ
पलकें मूँदके मैं लेट गया
तू ही आँखों [...]

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पहली नज़र का पहला प्यार

पहली नज़र का पहला प्यार कर गया दीवाना
मेरा दिल यह बेचारा हो गया आशिक़ाना
आँखों में बेताबी है, चैन कहाँ है
डरता हूँ कहीं कोई बन जाये ना अफ़साना
फूल हँसें हैं सारे, दिल धड़का है
ठण्डी साँसों में जैसे शोला भड़का है
उसका चेहरा चाँद है, नूर है
लड़की नहीं वह इक हूर है
थाम के दिल मैं राहों में खड़ा [...]

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मेरा दीवाना दिल धड़कता है

मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए
पल-पल चोरी-चोरी तड़पता है, तेरे लिए
जीता है तेरे लिए, मरता है तेरे लिए
सामने तेरा आना, शरमाना, नज़रें चुराना
उफ़! तेरी हर तिरछी क़ातिल अदा पर
मेरा फ़िदा हो जाना, कुछ न कह पाना
इस तरह ऐसे हाल में कब तक जियूँगा
तेरे क़रीब होकर भी दूर कब तक रहूँगा
मेरा आँखों से कहना, तेरा [...]

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