गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे
महक उठी रिदा यह चाँदनी की…
शबनमी रात और भी हसीन हो गयी है
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००३
26 Feb
Posted by विनय in मेरी त्रिवेणी. Tagged: इश्क़, गुनचे, चाँदनी, प्यार, महक, मोहब्बत, रात, रिदा, शबनम, हसीन, हुस्न, beautiful, beauty, bud, cover, dew, love, moonlit, night, scent. Leave a Comment
गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे
महक उठी रिदा यह चाँदनी की…
शबनमी रात और भी हसीन हो गयी है
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