Archive for February 25th, 2008

टूटे हुए चाँद को

टूटे हुए चाँद को सादे काग़ज़ में लपेटा मैंने
भीगे हुए सूरज को हथेलियों में समेटा मैंने
तारे बसरने लगे और आसमाँ ख़ाली हो गया
उसने एक आइने की तरह मुझे तोड़ दिया है
…तोड़ दिया है
जला दिये दिल के जज़्बात उसने
बढ़ा दिये मेरे मुश्किलात उसने
जीना मेरा जीना बहुत मुश्किल है
यह ज़हर पीना बहुत मुश्किल है
बहार में भी शाख़ों [...]

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इस पुराने शहर में

इस पुराने शहर में
कुछ पुरानी इमारतें हैं
कुछ खण्डहर हैं
कुछ अजनबी रास्ते हैं
दूर से पत्थर दिखता होगा
बेजान दिल मेरा लगता होगा
छूकर देखो,
दीवारें आज भी साँस लेती हैं
न कहती हैं न सुनती हैं
टूटती-गिरती हैं…
जब भी गुज़रता हूँ
साये मुझको पुकारते हैं
इस पुराने शहर में
कुछ पुरानी इमारतें हैं
कुछ खण्डहर हैं
कुछ अजनबी रास्ते हैं
कितने ख़ाबों के बादल बरसे
कितनी ख़ुशबू की [...]

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मेरी मोहब्बत है तू कहाँ

मेरी मोहब्बत, है तू कहाँ, तू कहाँ है
जिस्म यहाँ, जान कहाँ, जान कहाँ है
तड़प-तड़प कर साँसें जिस्म में पलती हैं
दिन-रात दिल की आहों में जलती हैं
यह मेरा नसीब है या वक़्त का क़तरा
थाम लिया है किसने अब तक न गुज़रा
मुझको आवाज़ दे है तू कहाँ, तू कहाँ है
मेरे हमदम, मेरे हमनवाँ, तू कहाँ है…
नीली शाम [...]

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नींद गहरी है रात ठहरी है

नींद गहरी है रात ठहरी है
आज ख़ाबों की बग़िया हरी है
चाँद खिला है पेड़ पर
पेड़ के नीचे एक लड़की है
वह मेरी जाने-जाँ है
वह मेरी मोहब्बत का जहाँ है
ढूँढ़ने चला मैं उसको
आख़िर मेरी दुनिया कहाँ है
रोज़-रोज़ गली-गली
हर चौराहे मैं धूल बनके उड़ा
कभी अपनों से मिला
अजनबी और ग़ैरों से जुड़ा
तेरे बिना दिल तन्हा है
तू चाँद है, ख़ुश्बू [...]

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यह लम्हा गुज़र जाने दो

जाने दो जाने दो यह लम्हा गुज़र जाने दो
न रोको इसे न सँभालो, बह जाने दो…
वक़्त के क़तरे बहते रहते हैं
हम भी तेरे नशेमन में रहते हैं
आवाज़ देना हमें हम लौट आयेंगे
जायें भी तो और कहाँ जायेंगे
जाने दो जाने दो यह लम्हा गुज़र जाने दो
न रोको इसे न सँभालो, बह जाने दो…
तुमने मुझे अजनबी कह [...]

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