तुमको लौट के यहीं आना है (यहीं आना है)
तुम मानो या न मानो
मेरा दिल तेरा आशियाना है (आशियाना है)
तुम मानो या न मानो
एक इल्ज़ाम देकर जा रहे हो ग़ैर की बाँहों में
कभी तो तुम्हें उसको ठुकराना है
तुम मानो या न मानो
हम दोस्त थे तुमने अदू मान लिया जाने दो
मुझे आज रब को भी आज़माना है
तुम [...]
Archive for February 24th, 2008
24 Feb
तुमको लौट के यहीं आना है
24 Feb
बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला
बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला
आया छोरा मोर मुकुट वाला
बजाये बाँसुरी श्रीकृष्ण हमारा
नाचूँ मगन नाचे वृंदावन सारा
राधा प्रेमी मीरा भी गोपाला
गोपियाँ पुजारन तेरी गोपाला
बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला
आया छोरा कमल नयन वाला
कजरारी आँखें मधु का प्याला
इनसे कैसा जादू छलका डाला
सलोना रूप बरखा के घन-सा
और दमकत मुख चंद्रमा-सा
बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला
आया छोरा श्यामल तन वाला
गले में [...]




















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