आती-जाती रहती हैं यह सदियाँ
रास्ते पर रहती हैं मेरी दो अँखियाँ
तेरे इंतज़ार में तुझे देखने के लिए
जाने कब से तू आँखों में बसी है
जाने कब से यह महफ़िल सजी है
यूँ ही घर आना-जाना बढ़ गया
एक पल में तेरा नशा चढ़ गया
एक ही ख़ाब आँखों में बसाया है
तुमको हर जनम अपना बनाना हैं
मेरी हर दुआ है [...]
Archive for February 17th, 2008
17 Feb
आती-जाती रहती हैं यह सदियाँ
17 Feb
याद आती हैं फिर वह तारीख़ें
याद आती हैं फिर वह तारीख़ें
मेरा करना तुम्हारी तारीफ़ें
लिखना पुराने ख़तों को दोबारा
पूछना क्या नाम है तुम्हारा
कुछ न मिले ऐसी शाम के तले
इतना मान ले इतना जान ले
वह साँसों का साँसों तक जाना
क़रीब आकर फिर मुड़ जाना
लिखना पुराने ख़तों को दोबारा
पूछना क्या नाम है तुम्हारा
तेरा मुझे देखकर शरमाना
यारों से दिल की बात छिपाना
है प्यार तो [...]
17 Feb
यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे
यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे
जाये जाँ, जाये क्यों न जान ही
मगर यह दिल किसी का होना चाहे
जबसे मेरी उनसे नज़र मिली है
दिल को जैसे नयी मंज़िल मिली है
पहली बारिश में दिल भीगना चाहे
यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे
जाये जाँ, जाये क्यों न जान ही
मगर यह दिल किसी का होना चाहे
देखते रहना जी [...]
17 Feb
लगे लगन तो छूटे नहीं यह
लगे लगन तो… छूटे नहीं यह…
बने सजन तो… टूटे नहीं यह…
बनता बन जाय, मिटता मिट जाय
लगे लगन तो… छूटे नहीं यह…
बने सजन तो… टूटे नहीं यह…
लगे लगन तो… छूटे नहीं यह…
बने सजन तो… टूटे नहीं यह…
यह चारों ओर है, यह कच्ची डोर है
यह चारों ओर है, यह कच्ची डोर है
यह कच्ची डोर है, यह चारों [...]
17 Feb
कोई आता है ज़िन्दगी में
कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी
जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी
उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली-नीली
जिनसे मेरे ख़ाबों की दुनिया है उजली
उसने आने से खिलते हैं गुलशन हज़ार
जानता है हर कोई यहाँ जो है तलबगार
लाखों-करोड़ों में उसके जैसा कोई नहीं
वह यार बने मेरा इतना तन्हा वह नहीं
उसे देखते हैं सभी रखते हैं [...]




















कहते रहें Comments