रोज़ सपनों में आता है
इन रातों में जगाता है
मैं क्यों न जानूँ उसको
मैं न पहचानूँ उसको
वह मुझसे अजनबी है
लेकिन मेरा हमनशीं है
मैं क्या नाम दूँ उसको
यह दिल दिया जिसको
उसके लिए दीवानी हूँ
उस चाँद की चाँदनी हूँ
जाने कब मिलूँगी उसे
महसूस करती हूँ जिसे
रोज़ सपनों में आता है
इन रातों में जगाता है
मैं क्यों न जानूँ उसको
मैं न [...]
Archive for February 15th, 2008
15 Feb
रोज़ सपनों में आता है
15 Feb
पहला-पहला नशा
जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा
जी में आये पंख खोल उड़ जाऊँ मैं
आस्माँ से आगे निकल जाऊँ मैं
मस्ती दिल पर छायी अनजानी-सी
उड़ती फिरे है जैसे फूलों पर तितली
दिल में जाने कैसा तूफ़ान उठा है
यूँ लगता है हर पल मुझसे रूठा है
तेरा ग़म पाया ख़ुशी मुझको मिली
लगता है खिल रही दिल की कली
जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा
तेरे [...]
15 Feb
तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार
तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार
हो गया मुझको तुमसे प्यार
तू आ जाये अगर मेरे क़रीब
तो खुल जायेगा मेरा नसीब
तुमको जिस दिन से देखा है
आँखों में तेरा ही चेहरा है…
तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार
हो गया मुझको तुमसे प्यार
तेरी जुदाई हम सह न सकेंगे
तेरा नाम लब से न मिटायेंगे
भूल गया सारा जहाँ तेरे लिए
कर जाऊँगा कुछ भी तेरे [...]
15 Feb
मेरी राह के मुसाफ़िर
मेरी राह के मुसाफ़िर तू कहाँ खो गया है
जबसे तुझे देखा दिल बेग़ाना हो गया है
मेरी राह के मुसाफ़िर तू कहाँ खो गया है
कब आयेगा तू इन राहों पर मुझको बता
यह दीवाना दिल तेरा हुआ मुझे न सता
मेरी राह के मुसाफ़िर तू कहाँ खो गया है
सूनी-सूनी राहों का इन्तिज़ार बढ़ गया है
आया था कोई तूफ़ाँ [...]
15 Feb
दिल की लगी दिल को दिल से लगी
दिल की लगी दिल को दिल से लगी
जब लगी यह आग फिर न बुझी
यह दिल की लगी है दिल से लगी है
जब यह लगी है फिर कहाँ बुझी है
उठता है तूफ़ाँ दिल में बनते हैं निशाँ
फैला हर दिशा यह यहाँ से वहाँ
बसा है दो दिलों में ख़ुशबू की तरह
नाम मुहब्बत है ख़ुदा की तरह
पतझड़ जाता [...]




















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