अकेले हम हों कभी, अकेले तुम हो
और समन्दर का गुलाबी किनारा हो
तन्हाई में हम हों रुसवाई में तुम हो
तुमको मनाने का कोई बहाना हो
कुछ तुम कहो फिर कुछ हम कहें
दिल की धड़कनों का कहा दोनों सुनें
चाहे लम्हे रुकें चाहे लम्हे बहते रहें
मगर हम-तुम साथ हमेशा दोनों रहें
अकेले हम हों कभी, अकेले तुम हो
और समन्दर का [...]
Archive for February 14th, 2008
14 Feb
अकेले हम हों कभी
14 Feb
आज हो या कल हो
आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे
कहता है जो कुछ मन उसको ही मानेंगे
आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे
चाहे दो कोई भी सज़ा हम आपके ही रहेंगे
चाहे हो कोई ख़फ़ा हम आपको अपना मानेंगे
यह दूरियाँ अपने दिलों के दरम्याँ न रखेंगे
सच कहती हैं आँखें जब आपको देखती हैं
राज़ दिल के [...]
14 Feb
इस पल से उस पल तक
इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे
कहता है जो कुछ दिल उसको ही मानेंगे
इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे
चाहे दो कोई भी सज़ा हम तुम्हारे ही रहेंगे
चाहे हो कोई ख़फ़ा हम तुम्हें अपना मानेंगे
यह दूरियाँ अपने दिलों के दरम्याँ न रखेंगे
सच कहती हैं आँखें जब तुमको देखती हैं
राज़ दिल के [...]
14 Feb
फिर क्यों दोनों तन्हा
एक ही रास्ता जब है दोनों का
फिर क्यों दोनों तन्हा
फिर क्यों दोनों तन्हा
मेरा मरहम है तू
मेरा मज़हब है तू
आँखों में तेरा ही चेहरा
कंचन भी तू है
चंदन भी तू है
दिल चाहे तेरा ही रहना
एक ही रास्ता जब है दोनों का
फिर क्यों दोनों तन्हा
फिर क्यों दोनों तन्हा
मन मन्दिर है तू
कितनी सुन्दर है तू
तेरे बिन लागे दिल ना
मेरा [...]
14 Feb
चाँद गवाह है मेरे प्यार का
चाँद गवाह है मेरे प्यार का
क्या यही ख़्याल है, मेरे यार का
कुछ न ख़बर हुई उस पल की
कुछ न पता चला उस पल का
उसके चेहरे पर नज़र रुकी
क्या ख़बर क्या गया, क्या मिला
हर लम्हा इन्तज़ार नये ख़ाब का
क्या ऐसा ही हाल है मेरे यार का
जाने ना मिलें या न मिलें
उनसे हम कभी दोबारा
जाने फिर [...]




















कहते रहें Comments