राहों में ढूँढ़ता हूँ कभी
तुम मिलती नहीं यह भी सही
जानो न जानो प्यार क्या
है यह इक नशा-सा
उतरता नहीं आँखों से पलकों पर भी
चाहता है दिल यह, पास तुम रहो
कोई तस्वीर जो आँखों में
छुपाकर रखी थी
समझता नहीं क्यों मैं
कि वह हक़ीक़त हो नहीं सकती
राहों में ढूँढ़ता हूँ कभी
तुम मिलती नहीं यह भी सही
इक़रार है ज़ुबाँ पर
क्या [...]
Archive for February 11th, 2008
11 Feb
राहों में ढूँढ़ता हूँ कभी
11 Feb
दिल के दरवाज़े पर
दिल के दरवाज़े पर दस्तक देता है कोई
रोज़-रोज़ मुझे नये ख़ाबों में मिलता है कोई
याद न आती हो ऐसा कोई पल जाता नहीं
मेरा मन पागल है इसे कोई समझाता नहीं
ख़्याल दिल तक आकर फिर जाता है कभी
इन आँखों पर कोई सागर लहराता है कभी
मैं तन्हा हूँ यहाँ और मेरा दिल खोया है कहीं
रहता हूँ अकेलेपन [...]
11 Feb
रहते हैं हम जिन ख़ाबों में
रहते हैं हम जिन ख़ाबों में
उन ख़ाबों का एहसास तुम हो
रह जायें जो साँसें तन में बाक़ी
उन साँसों की ख़ाहिश तुम हो
मीठे-मीठे-से दर्द पर तुम
यह सर्द-सी आँच बुझने दो
उड़ती-उड़ती-सी प्यास को
दो जिस्मों में सुलगने दो
रहते हैं हम जिन ख़ाबों में
उन ख़ाबों का एहसास तुम हो
उन्स जो उठता है उठने दो
आग जो लगती है जलने दो
पलकों [...]
11 Feb
जैसे ज़िन्दगी वीरान है
जैसे ज़िन्दगी वीरान है
जैसे ज़िन्दगी बेनाम है
तू मेरी बाँहों से दूर है
तू निगाहों का नूर है, मेरे लिए
जैसे चलती है धड़कन
जैसे होती है कम्पन
जैसे आती है यह सुबह
जैसे जाती है हर शाम, मेरे लिए
घड़ी-घड़ी तेरा इन्तिज़ार
घड़ी-घड़ी मैं तेरा राहदार
साँसें ढूँढ़ती हैं तेरी ख़ुशबू
आँखें ढूँढ़ती हैं तेरा ख़ाब, मेरे लिए
आ जाओ तुम या फिर
आने दो अपने [...]
11 Feb
तेरा चेहरा मेरे प्यार की तस्वीर है
तेरा चेहरा मेरे प्यार की तस्वीर है
तू मोहब्बत है मेरी
या फिर साँसों की ज़ंजीर है
जब तुझे देखा सनम मुझे ऐसा लगा
जैसे मिली हर ख़ुशी
मैंने पायी हर ग़म की दवा
तेरा चेहरा मेरे प्यार की तस्वीर है
तू मोहब्बत है मेरी
या फिर साँसों की ज़ंजीर है
वक़्त रुकता नहीं चलता नहीं
यह नज़र क्या तुमसे मिली
तब से तेरा दीवाना हुआ [...]




















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