Archive for February 10th, 2008

ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह

ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह
उनके बिना कितने पल गुज़ारे हैं
खोये-खोये सारे वह बीते नज़ारें हैं
हाथों की लकीरों में उनका नाम है
कहाँ मुझसे दूर खोये हुए हैं वह
कुछ भी नहीं है उनकी यादों के सिवा
किसी से न गिला मेरा न शिकवा
तू प्यासा रेगिस्तान है बारिश वह
ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह
लम्बा [...]

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वह कहाँ चले गये

वह कहाँ चले गये
जो कल घर आये थे हमारे
थोड़ा-सा और क़रीब हमारे
वह कहाँ चले गये
जो कल घर आये थे हमारे
बड़ी रहमत की थी
जो आये किसी बहाने से
उनके चेहरे पर थी
दबी-सी मुस्कुराहट
आँखें कह रही थीं
अनकहे अफ़साने
वह कहाँ चले गये
जो कल घर आये थे हमारे
कुछ न कहकर भी
सब कुछ कह गये
तोहफ़े में हमें
अपनी यादें दे गये
वह कहाँ [...]

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हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं

हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं
तेरे दिल की धड़कनों को सुनते हैं
लेकिन कुछ समझ में नहीं आता है
तुमको देखकर जाने क्या हो जाता है
दिल धड़कता है, वक़्त थम जाता है
तेरा हाथ जब मेरे हाथों में होता है
दिल कुछ कहने को बेताब होता है
लेकिन कुछ समझ में नहीं आता है
कभी सोचता हूँ कह दूँ आइ [...]

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दिल पर होने लगा इक अंजाना असर

दिल पर होने लगा इक अंजाना असर
खोने लगी है हर शाम मेरी नज़र
गौर से कभी उसको देखा नहीं फिर भी
पहचान लूँगा चेहरे हज़ार हों अगर
आते-जाते मिल ही जाती है नज़र
और थम जाती है दिल की अनबन
जो यह बेज़ुबाँ दिल नहीं कहता है
वह कह देती है मिलते ही नज़र
आज तक जान-पहचान हुई नहीं है
फिर भी प्यार [...]

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दिल से मेरे जो पहली नज़्म निकली थी

दिल से मेरे जो पहली नज़्म निकली थी
वह तेरे लिए थी सखी वह तेरे लिए थी
तेरे मेरे ख़ाबों की ज़मीं पर सखी
जब इश्क़ की ख़ुशबुएँ उड़ी थीं
उससे पहले लगता था ऐसे
आँखों में पानी की बूँदें जड़ी थीं
काँच की थीं वह सब आहें
जो उस पल दिल में टूटी थीं
फूलों से भी ज़्यादा नरम थीं
जो डोरियाँ, इस [...]

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