Look at me, see my face
How much it has disgrace
I wish I could undo
What i did with you in past
Love is now a curse of life
It is in my heart as a knife
What happened what it could be
Why I never took you seriously
I have no reason to talk to you
But why I want to talk
It’s [...]
Archive for February 8th, 2008
8 Feb
Look at me, see my face
8 Feb
मीठी-मीठी बातें
मीठी-मीठी बातें
वह शबनमी रातें
सब याद हैं हमें
वह रस्ते वह रिश्ते
जो हमने क़ायम किये थे
वादे जो हमने किये थे
सब वैसे के वैसे हैं
कल के जैसे-
सब कुछ आज है
हम तो चले तेरी डगर
कुछ यादें लिए
कुछ वादे लिए
महकी हवाओं से
बातें करते हुए
हम तो चले तेरी डगर
मीठी-मीठी बातें
वह शबनमी रातें
सब याद हैं हमें
हम तो चले तेरी डगर
हसीन नज़ारें हैं,
अम्बर [...]
8 Feb
मेरे दिल की पगडंडियों से
मेरे दिल की पगडंडियों से
रोज़ाना कितने गुज़रते हैं
कितने क़दमों के निशाँ बनते हैं
कितने मिटते हैं…
तू जिस दिन से गुज़री है
किसी से कहते नहीं बनता
हमारे सीने में
इक ऐसी आँधी उबरी है
सबसे यूँ ही मिल लेता हूँ
लेकिन तुम वही हो
जिसको दिल से चाहता हूँ
कोशिश की थी मैंने पहले
न याद आये मुझको तू
लेकिन तुझको चाहता हूँ
मेरे दिल की [...]
8 Feb
दिल से दिल मिले दिल से दिल
दिल से दिल मिले दिल से दिल
ख़ाबों के गुल खिले ख़ाबों के गुल
क़दमों के नीचे से सरकी ज़मीं
मुहब्बत की ज़मीं पर रखे क़दम
बढ़ते रहेंगे आग के तूफ़ाँ में भी
जब तक है अपने जिस्मों में दम
खोती हैं निगाहें ख़ाबों की बाँहों में
धड़कता है दिल तेरी यादों में
दिल में नग़मों की बरातें आयी हैं
साथ मुहब्बत का तूफ़ाँ [...]
8 Feb
तेरी यादों के साये तले
तेरी यादों के साये तले
जाने हम-
कितनी दूर तक चले
क्या ख़बर कब…
थकते क़दमों की शाम ढले
जाने कब पतझड़ को
महकता सावन मिले
तेरी यादों की शाम
है नीली-नीली
सागर तट की रेत
है गीली-गीली
तेरी यादों के साये तले
जाने हम-
कितनी दूर तक चले
क्या ख़बर किसलिए…
बुझी राख में चिन्गारी जले
जाने क्यों तेरे बिना…
चलते हैं यहाँ सिलसिले
इक डोर बाँधी थी हमने
वह टूटी नहीं [...]




















कहते रहें Comments