ग़म देना उनकी फ़ितरत
ग़म देना उनकी फ़ितरत में शामिल होगा
मेरी फ़ितरत तो मुहब्बत देने की रही है
दूर रहना उनकी आदत में शामिल होगा
मेरी आदत तो ख़ुशबू लुटाने की रही है
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २०००-२००१
February 6, 2008 at 12:58 am (फुटकर कलाम) (मुहब्बत, इश्क़, love, प्यार, ग़म, फ़ितरत, शामिल, आदत, ख़ुशबू, मोहब्बत, pain, बिछोह, fragrance, habit, include, sorrow)
ग़म देना उनकी फ़ितरत में शामिल होगा
मेरी फ़ितरत तो मुहब्बत देने की रही है
दूर रहना उनकी आदत में शामिल होगा
मेरी आदत तो ख़ुशबू लुटाने की रही है
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