इक बार फिर फ़साना लिख रहा हूँ
वही टुकड़ा पुराना लिख रहा हूँ
शाख़ों से उतरते थे जो फूल
उनको उठाके वह
अपने आँचल में रख लेती थी
पंखुड़ियों पे वह
जाने किसका नाम लिखके
अपनी किताबों में रखती थी
एक बार आधा-अधूरा देखा था
जाना पहचाना नाम था वह
फिर भी वह मुझको बताती नहीं थी
एक पहेली थी, जिसे बुझाती नहीं थी
रेशम-सी उसकी कलाइयाँ
जब [...]
Archive for February 1st, 2008
1 Feb
शाख़ों से उतरते थे जो फूल
1 Feb
नैना कारे कजरारे
नैना कारे कजरारे
तिरछे पड़ें तो
जियरा पे लागें
आरी-कटारी से…
गोरी-गोरी बैय्याँ
चाँदनी से अंग धुला
जो मोह मन लागा
कैसे बिसारूँ रे…
बरखा अँधियारी-से छाये
एक रुत-से सुहाये
मेरे मुख पे लागे
केश कारे-घुँघरारे-से
का से करूँ तेरा मेल
कोई न तेरे जैसा
न दूँ दिल दूजे को
कौन तुझ-सा रे
जिया जराये
बैरी सताये
मन का भेद छुपाये
एहसान जताये
रात्रि चंदा देखूँ
देखूँ तेरा मुख
चंदा देखे तुझे
लाज खाये, जाये लुक
बेला कढ़े केश
महकत [...]
1 Feb
इक ज़हर का प्याला पी लिया है
इक ज़हर का प्याला पी लिया है
तेरे बिग़ैर यह लम्हा जी लिया है
ऐ सौदाई, ऐ हरजाई
बेवफ़ाई न कर, कर थोड़ी वफ़ा
ऐ सौदाई, ऐ हरजाई
काँच के सामान से खेला नहीं जाता
काँच के सामान को तोड़ा नहीं जाता
तोड़ के फिर जो इसे बटोरा जाये तो
चुभ जाता है ख़ून निकल आता है
सँभाल के रखो इसे सँभाला जाता है
इसने [...]
1 Feb
तू है जाने-वफ़ा मेरी जाने-वफ़ा
तू है जाने-वफ़ा मेरी जाने-वफ़ा
मेरी नज़रों ने पायी मंज़िल जहाँ
वह तू है तू है मेरी हमनवा
जान है जिस्म में वह तेरे लिए
तू कहाँ है जाने-वफ़ा जाने-वफ़ा
आ यहाँ इक बार चलके,
खड़ा हूँ यहाँ मैं तेरे इंतज़ार में
जाने कब से जाने कब से
दिन गुज़र जाते हैं रातें उतर जाती हैं
क्या अब तक न समझी तू…
तू है मेरी [...]
1 Feb
एक छोटी-सी लव स्टोरी है
एक छोटी-सी लव स्टोरी है
मैं काला हूँ तू गोरी है
इक छोटी-सी लव स्टोरी है
मैं तेरा हूँ तू मेरी है
इक छोटी-सी लव स्टोरी है
अजी पहली बार कहाँ मिले थे हम
मिले क्या थे लड़ पड़े थे हम
हमने कहा था ग़लती तुम्हारी है
तुमने कहा था ग़लती हमारी है
ग़लती किसी की हो बड़ी प्यारी है
इक छोटी-सी लव स्टोरी है
मैं [...]




















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