मैं हूँ, चाँद है, तुम भी होगी कहीं
मैं देखता हूँ जो चाँद को…
तुम भी इसे देखती होगी कहीं
माहे-कामिल ने देखा है मुझे
तेरे पाँव के निशाँ पे सजदा करते हुए
सहर उस वक़्त दरक रही थी
सूरज आ रहा था कमसिन किरनें लिए
यह हवा यह घटाएँ
सभी से मैंने कहा था, कहना
मुझे प्यार है तुमसे
जाने तुमने मेरी सदा को
महसूस [...]
Archive for February, 2008
29 Feb
मैं हूँ चाँद है तुम भी होगी कहीं
29 Feb
प्यार से मुझे प्यार चाहिए
प्यार से मुझको प्यार चाहिए
गुलाबी लबों से इज़हार चाहिए
उसके हसीं चेहरे पे हँसी चाहिए
उसके लिए हर ख़ुशी चाहिए
उसने मुझको दीवाना बनाया है
मेरी आँखों को आशिक़ाना बनाया है
अब हर शै में वही दिखती है
आँखों में उसका ख़ाब चाहिए
मुझको मेरा माहताब चाहिए
प्यार से मुझको प्यार चाहिए
गुलाबी लबों से इज़हार चाहिए
मेरी धड़कनों में वह धड़कती है
उसके बिना सीने में जान [...]
28 Feb
मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया
मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया
उफ़! यह दिल सौदाई हो गया
मुझको कुछ पता ही न चला
इक दम में यह सब हो गया
रोज़ तेरे ख़्यालों में डूबा रहा
शब तेरे ख़ाब में मैं खो गया
जिस शै पर मैंने निगाह की
वह हर शै तेरा चेहरा हो गया
दर्द की तस्कीं थोड़ी अजीब है
तू मुदाम मेरे दिल के क़रीब है
उसपे [...]
28 Feb
क्यों हो गया न प्यार…!
यह प्यार चीज़ क्या है?
दीवानों का है काम
बेकार ही पीछे दौड़ते हैं
बिन सोचे अन्जाम
कहते थे कि प्यार हमको होगा नहीं
क्यों हो गया न प्यार…!
बहुत तन के चलते थे
जब घर से निकलते थे
प्यार में क्या रखा है
बस एक ही बात रटते थे
आज मुँह पर उल्टी आ पड़ी हर बात
क्यों हो गया न प्यार…!
आज क्या हुआ
वह नाक [...]
28 Feb
तेरी जो ख़ाहिश करता हूँ
तेरी जो ख़ाहिश करता हूँ
क्या कोई गुनाह करता हूँ
चाहे जो भी समझ ले तू
मैं तुझसे प्यार करता हूँ
यह उम्र ही ऐसी होती है
लोग कुछ बहक जाते हैं
मिलते हैं जब दो दिल
तन्हा जिस्म महक जाते हैं
महके-महके-से जिस्म में
मैं आधा-आधा रहता हूँ
चाहे जो भी समझ ले तू
मैं तुझसे प्यार करता हूँ
पलकें मूँदके मैं लेट गया
तू ही आँखों [...]




















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