मोहब्बत तेरी याद है
तेरी हर बात याद है
साथ तू नहीं तो क्या
साथ तेरी याद है
मैं कहाँ था गर तू न होती
तू ज़िन्दगी के चराग़ की बात है
कल से आज तक का सफ़र
जो तय किया है मैंने
वो तेरी मोहब्बत की सौग़ात है
माँ तू हर पल मेरे पास है…
माँ तू हर पल मेरे पास है…
तेरे आँचल की छाँव
आज भी मेरे साथ है
तेरी हर डाँट हर मार
आज भी मुझे याद है
तेरी वो नाराज़गी तेरा दुलार
आज भी मुझे याद
माँ तू हर क़दम मेरे साथ है…
माँ तू हर क़दम मेरे साथ है…
मोहब्बत तेरी याद है
तेरी हर बात याद है
साथ तू नहीं तो क्या
साथ तेरी याद है
सलामत रहे तू हमेशा
ख़ुदा से मेरी फ़रियाद है
पाया जितना दुनिया में
सब तुझ पर निसार है
मैं कहाँ था गर तू न होती
तू ज़िन्दगी के चराग़ की बात है
मोहब्बत तेरी याद है
माँ तू हर पल की नमाज़ है
माँ तू हर पल मेरे पास है…
माँ तू हर क़दम मेरे साथ है…
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००१-२००२




















Posted by mehhekk on January 16, 2008 at 9:33 PM
mom is always with her kids.very very nice words,lifes love may be only in memories,mothers love is in heart,