Archive for January 13th, 2008

एक वक़्त की बात है

एक वक़्त की बात है
ये वो लम्हा था जिससे महकी मेरी रात है
आँखों ने छुआ था इक हसीन चेहरे को
मुझे आज तलक वो दिन याद है…
ये पलभर की मुलाक़ात थी
निगाहों ने पढ़ी ख़ामोशी से दिल की बात थी
उसने तो न दिया था कभी अपना हाथ हमें
और न हमने कभी उसे थामा ही था
कहते थे सभी [...]

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फिर चाँदनी रात है

फिर चाँदनी रात है
ज़ाहिर-सी बात है
थोड़ा-सा दर्द होगा ही
कुछ तुमको कुछ हमको
इसका एहसास होगा ही
समझाना मुश्किल है
समझना उससे कहीं
कहते सभी यहाँ पर
सुनता कोई नहीं…
है आरज़ू यह
जो चढ़ती है
शाख़ों से लिपटकर
होता है यूँ कभी
रह जाती यह
दिल में सिमटकर
फिर चाँदनी रात है
ज़ाहिर-सी बात है
थोड़ा-सा दर्द होगा ही
यादों को कुरेदना
वक़्त को खुरेंचना
ख़ाब कभी जो आयें
अश्कों से सींचना
थोड़ा-थोड़ा तन्हा
थोड़ा-थोड़ा [...]

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ये रात गुज़र जाने दो

ये रात गुज़र जाने दो,
आकाश से चाँद उतर जाने दो
झिलमिल-झिलमिल सितारे चमके
जुगनू भी आँगन में दमके
मन की लगी को तन से उतर जाने दो
ये रात गुज़र जाने दो,
आकाश से चाँद उतर जाने दो
सीली-सीली हवा से
अपना बदन निखर जाने दो
ये ख़ाब सँवर जाने दो
ये रात गुज़र जाने दो,
आकाश से चाँद उतर जाने दो
अरमाँ दिल में कुछ [...]

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एक ख़ाब टाँक दो आँखों में

एक ख़ाब टाँक दो आँखों में
कि आज मैं ज़हर पी लूँ
बेवजह ही वजह दे दो
इस मोड़ पे ठहर भी लूँ
रात ख़ाब में मिले थे जब
तुमने इक़रार न किया था
मैं क्या समझूँ ख़ामोशी को
तुमने इन्कार न किया था
गुस्ताखियाँ करता है
क्योंकि यह दिल नादाँ है
तेरी चाहत में उम्र काट दूँ
ज़िन्दगी से ऐसा वादा है
उस रोज़ देखा था [...]

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कुछ फूल बुने थे मैंने बारिश में सूखी शाख़ों पर

कुछ फूल बुने थे मैंने बारिश में सूखी शाख़ों पर
ताज़े-से दिखते तो हैं पर महक नहीं है अब उनमें
रिश्ते-से लगते तो हैं पर शिकन झलकती है अब उनमें
कुछ ख़ाब बुने थे मैंने पलकों से सूनी आँखों पर
रोज़ रात खिलते तो हैं पर एतबार नहीं है अब उनमें
दोस्त-सा लगता तो है पर दोस्ताना नहीं है अब [...]

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