Archive for November 30th, 2007
30
Nov
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: air, alone, इश्क़, चेहरा, तन्हा, तन्हाई, दर्द, दोपहर, दोस्ती, धूप, निक़ाब, परवाना, पास, प्यार, मोहब्बत, रुख़, रेत, वीराना, शमअ, शाम, सुबह, हवा, ज़मीन, ज़िन्दगी, ज़ुबाँ, desert, evening, face, flame, land, life, love, morning, moth, noon, pain, sand, solitude, sun light, veil. 2 Comments
ज़िन्दगी से दर्द’ दर्द से ज़िन्दगी मिली है
ज़िन्दगी के वीराने में तन्हाई की धूप खिली है
मैं रेत की तरह बिखरा हुआ हूँ ज़मीन पर
उड़ता जा रहा हूँ उधर’ जिधर की हवा चली है
मैं जानता हूँ उसका चेहरा निक़ाब से ढका है
महज़ परवाने को लुभाने के लिए शम्अ जली है
बदलता है वो रुख़ को चाहो जिसे [...]
Continue reading »
30
Nov
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: अनमोल, आँखें, इश्क़, उजला, ख़ुशबू, ख़्याल, चमन, चाँद, चाह, दरम्याँ, दुआ, धूप, नर्म, प्यार, फूल, बहार, मैदान, मोहब्बत, मौत, याद, रस्ता, सपना, हाल, क़ीमत, ज़िन्दगी, फ़र्क़, between, condition, death, desire, difference, dream, eyes, fate, field, flower, fragrance, garden, life, love, memory, moon, prayer, price, priceless, road, shine, soft, spring, sunlight, thought, way. Leave a Comment
रात-दिन दुआओं में तुम्हें माँगता हूँ
तुम न मानो मगर तुम्हें चाहता हूँ
फूल-ख़ुशबू-बहार’ सब हैं चमन में
मैं सिर्फ़ तुझ को इनमें जानता हूँ
अब तेरा ही सपना है मेरी आँखों में
दिन-रात तेरे ख़्वाब में जागता हूँ
मन में तेरी यादों की नर्म धूप है
ख़्यालों के उजले मैदान में भागता हूँ
तुम मेरी मौत हो या ज़िन्दगी, कुछ हो
मैं तेरे [...]
Continue reading »
30
Nov
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: ज़िन्दगी, ख़ुशी, flower, eyes, friendship, बहार, मीठी, फूल, आँखें, life, लब, spring, lips, दोस्ती, smile, सहर, happiness, dawn, नमी, wet, हँसी, sweet, ताज़गी, freshness. Leave a Comment
तुमको ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिले
तेरे लबों को मीठी-मीठी हँसी मिले
हर दिन तुम्हें बहार का दिन हो
कभी न तेरी आँखों को नमी मिले
तुम जो हो जैसी हो सबसे अच्छी हो
तुमको सबसे सच्ची दोस्ती मिले
फूल का खिलना है तुम्हारा हँसना
तुम्हें सदा सहर की ताज़गी मिले
शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’
लेखन वर्ष: २००५
Continue reading »
30
Nov
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: abandon, afflicted, ah!, always, अग़ियार, आश्ना, आह, इश्क़, ख़स्ताहाल, ख़ाब, ग़म, ग़मख़्वार, गोया, दर्द, दाइम, दीदा, दोस्ती, पैराहन, प्यार, बरक़रार, बहार, बीमार, बेक़रार, मशगूल, मोहब्बत, यादगार, लम्स, लहू, शरार, शाम, शोला, सुम्बुल, हसरत, हक़, ज़ख़्म, फ़िगार, blood, busy, cloth, curious, desire, dream, enemy, evening, eyes, fire, friend, friendship, grief, ill, keep, like that, love, maintained, memorable, pain, scar, sore, sorrow, spark, spring, sumbul, touch, truth, woe, wound. Leave a Comment
ख़स्ताहाल है जो तेरा बीमार
क्यों नहीं हो तुम बेक़रार
तुमने मुझसे बात नहीं की
जला गयी मुझे आहे-शोलाबार
शामे-ग़म मुझे दर्द थे
और तुम आये गोया बहार
पैराहन भीग जाता है लहू से
यूँ बहते हैं दीदाए-फ़िगार
देखना’ न छूना मेरे ज़ख़्म
जला न दे तुझे यह शरार
दाइम मशगूले-हक़ हूँ मैं
फिर भी आश्ना है अग़ियार
कोई हसरत से देखे मुझे
मैं उसे बना लूँ अपना [...]
Continue reading »
30
Nov
Posted by विनय in मेरी ग़ज़ल. Tagged: answer, इलाज, इल्तिहाब, इश्क़, कलेजा, ख़त, ख़्याल, जवाब, जुनून, तबीब, दर्द, दास्तान, दिमाग़, दिल, नवाज़िश, प्यार, बयाँ, बीमार, बेक़रारी, मोहब्बत, याद, राह, लफ़्ज़, सदा, सबात, सुकून, सुम्बुल, सोज़, सौदा, हौसला, क़रार, फ़ुग़ाँ, bargaining, bravery, care, comfort, desire, discomfort, doctor, easiness, envy, explaination, flame, heart, ill, insanity, kindness, letter, love, madness, memory, mind, pain, reply, road, sound, spikenard, story, sumbul, thought, treatment, way, words. Leave a Comment
इल्तिहाबे-दर्द से जलता है कलेजा
कभी तेरी यादों को बिखराया कभी सहेजा
बयाँ दास्ताने-सोज़े-फ़ुगाँ किससे करूँ
सभी मेरे लफ़्ज़ देखते हैं न कि लहजा
सुकूनो-क़रारो-सबात से क्या मुझे
तू इस दिल के सौदे में मेरा सब कुछ ले जा
सदाए-राहे-मुहब्बत बुलाती है मुझको
दिमाग़ कुछ सोच के कहता है ठहर जा
गर्मिए-हौसले-जुनूँ का असर है यह
दिल करता है मुझपे नवाज़िशहाए-बेजा
अब तक न मेरे [...]
Continue reading »
कहते रहें Comments